उस गली में आना जाना मैंने छोड़ दिया है उसकी याद आए तो दिल को समझा लेता हूं वहां से गुजरने से क्या फायदा जहां राहों में कांटे बिछाए गए हैं जख्म पर जख्म देकर मरहम लगाए गए हैं झूठे वादों के चकाचौंध में फंसाए गए हैं
दिल टूटा है आंसू बहा नहीं सकता अपने जख्मों को किसी को दिखा नहीं सकता जो राज खुल गया अपनी तौहीन होगी फब्तिया कहेंगे लोग मेरे हालात पर इशारा करते हुए